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प्रिय सुनार बन्धुओं, जैसा कि आप जानते हैं कि स्‍वर्णकार समाज गौरव आचार्यरत्‍न राष्‍ट्रसंत पूजनीय गुरूदेव श्री सुभद्र मुनिजी महाराज की प्रेरणा, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन के अनुरूप वर्ष 1998 में प्रथम स्‍मारिका के सफल प्रकाशन के पश्‍चात गुरूदेव श्री ने स्‍वर्णकार समाज की एक नियमित पत्रिका के प्रकाशन का आशीर्वाद प्रदान किया। 1999 में इसका प्रकाशन आरम्‍भ हुआ और आज यह पत्रिका भारत में ही नहीं विदेशों में भी अपनी एक पहचान बना चुकी है। आज इसके लगभग 150 स्‍तम्‍भ, प्रमुख संरक्षक हैं। आचार्यरत्‍न गुरूजी के आशीर्वाद से यह ि‍नियमित रूप से फल-फूल रही है और भारतवर्ष के लगभग सभी राज्‍यों में स्‍वर्णकार समाज के लाखों परिवारों द्वारा पढ़ी पढ़ाई जाती है। यह मुख्‍य रूप से वैवाहिक पत्रिका है, जिसमें प्रत्‍येक ि‍तिमाही में लगभग 500 वैवाहिक बायोडाटा राज्‍यों के अनुसार प्रकाशित किए जाते हैं। लभगत 100 बच्‍चों के बायोडाटा रंगीन फोटो सहित प्रकाशित किए जाते हैं। पिछले 20-21 वर्षों में इसके माध्‍यम से अब तक लगभग 5000 बच्‍चों की शादियां हो चुकी हैं। वर्ष 2009 में समाज की आवश्‍यकता के अनुसार गुरूदेवश्री ने वैवाहिक परिचय सम्‍मेलन की रूपरेखा बताते हुए इसके आयोजन हेतु आशीर्वाद प्रदान किया। स्वर्णकार सुरभि के तत्वावधान में अब तक 23 स्‍वर्णकार युवक युवती वैवाहिक परिचय सम्‍मेलन श्री गौरीशंकर मन्दिर, दिलशाद गार्डन मैट्रो स्‍टेशन के सामने, दिलशाद गार्डन, दिल्‍ली में आयोजित किए जा चुके हैंं। वर्ष 2015 में गुरूश्री ने इसकी वेबसाइट तैयार कराने का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन दिया। समाज के सहयोग से सभी कार्य निरंतर उत्‍तरोतर वृद्धि की ओर अग्रसर हैं। आप भी अपने विवाह योग्‍य बच्‍चों को बायो डाटा हमारी ई मेल swarnkarsurbhi@ymail.com या वाटस एप नं.9810529269 पर भिजवा सकते हैं ताकि इसे आगामी परिचय सम्‍मेलन में शामिल किया जाए एवं स्‍वर्णकार सुरभि के अंक में प्रकाशित किया जा सके। स्‍वर्णकार सुरभि अब केवल भारत में ही नहीं विदेशों में भी पसन्‍द की जा रही है। समाज बन्धुओं/परिवारों के मतानुसार वैवाहिक सम्बन्धों के लिए भारतवर्ष की सर्वश्रेष्ठ पत्रिका बन गई है, आपकी स्वर्णकार सुरभि । यह भी सत्‍य है कि सभी कार्यों में श्रम और धन की आवश्‍यकता रहती है। आप सभी से अनुरोध है कि पत्रिका एवं सम्‍मेलन हेतु अपनी नेक कमाई में से वार्षिक सदस्‍य अथवा इसके संरक्षक बन कर सहयोग करें और अपने बहुमूल्‍य प्रतिक्रिया से भी अवगत कराएं। यह सब आपके प्यार एवं सहयोग की देन है। इसकी निरंतरता के लिए आपका सहयोग अनिवार्य एवं अपेक्षित है कंवर अशोक, मुख्य संपादक, स्वर्णकार सुरभि 9810529269, 9999322570.